1. 789 JACKPOTS — वे पन्ने जो पानी ले गया
अलुवा की मरम्मत दुकान से पानी उतरा तो अनिल की कॉपी दुगुनी मोटी थी। रमी के हाथ वाले पन्ने धूसर ठोस गट्ठर में चिपके थे। एक कोना अलग करना चाहा तो कागज़ के साथ आधी सीक्वेंस निकल आई। बाढ़ औजार, ग्राहक रिकॉर्ड और टूर्नामेंट शीट वाली छोटी अलमारी ले गई थी। पैंतालीस साल का अनिल उधार की चप्पलों में दरवाज़े पर था। पत्नी रेणु गिन रही थी कि कौन से उपकरण शायद सुधर सकें। चार रात रिश्तेदार के भीड़ भरे घर में बिताई थीं। अपने बिस्तर से नदी की मिट्टी की गंध आती थी।
पुराना अभ्यास साथी बालन सूखा फोल्डर दबाए आया। वह टूर्नामेंट कार्यशाला तैयार कर रहा था। महीनों पहले दोनों के साझा अभ्यासों की प्रतियाँ ली थीं। अनिल ने पूछा कि उनसे कॉपी फिर बन सकती है क्या। बालन बोला कि याद नहीं कौन सा विचार अनिल का था। “तुम्हारा रिकॉर्ड नहीं तो कोई बताएगा कैसे?”
एक सप्ताह बाद कार्यशाला में बालन ने अभ्यास अपनी प्रणाली कहकर बताए। अनिल पीछे ऐसी कमीज में खड़ा था जिसका दाग धुल नहीं रहा था। हाथ उठाया तो बालन ने निजी बातें बाद में करने को कहा।
लोग निकल गए। अनिल घर आकर नई कॉपी खोलकर बैठा। पहला पन्ना इतना साफ था कि निशान लगाना कठिन लगा। उसने पेंसिल बीच में रखी और काफी देर खाली खाने देखता रहा। रेणु ने पास सूखा कपड़ा रख दिया, बिना पूछे कि अभी क्या लिखेगा।
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2. गायब पत्तों वाली याद
उसने पुराना जीत वाला हाथ बनाना शुरू किया। सुंदर लौट आया। दो सीक्वेंस, चतुर जोकर बदलाव और सही समय पर पूरा सेट। चित्र गिना तो कथित अंतिम हाथ में चौदह पत्ते थे। रेणु ने उसे मिटाते देखा। कागज़ पतला हो रहा था। पूछा क्या हुआ। उसने कहा पत्ते गलत हैं, गिनती नहीं। उसने दूसरा पन्ना पास रखा। “तो गायब हिस्सा गायब रहने दो।”
सार्वजनिक वाचनालय में वयस्क खिलाड़ी दीपा से पुनर्निर्माण जाँचने को कहा। उसने अनिश्चित कार्ड अनिश्चित लिखने पर जोर दिया। जिसे केवल याद करना चाहता था, उस कार्ड पर अभ्यास पाठ नहीं बन सकता था। जीत के साथ हार भी बनाईं। कुछ दूसरे खिलाड़ियों की स्कोर शीट से मिल गईं। कुछ टुकड़े ही रहीं। एक टुकड़े से फैसला समझ आया। उपयोगी छोटी सीक्वेंस तोड़कर अलग इक्का रखा था। वह चुनाव पढ़ने को अगले छह ड्रॉ गढ़ने की जरूरत नहीं थी।
नई कॉपी पुरानी से धीमे भरी। हर पुराने हाथ के पास लिखा किसने कौन सी जानकारी याद करके दी और क्या अपुष्ट है। दीपा के उदाहरण कॉपी करने से पहले अनुमति ली। एक शाम रेणु को पूरा पन्ना मिला जिसमें गढ़ा हुआ कुछ काटना नहीं पड़ा था। उसने बची रसीदों के पास सूखी ऊपरी शेल्फ पर रखा।
अनिल ने अगले पन्ने पर तारीख लिखी। आज का अभ्यास था, जिसकी हर कार्ड मेज़ पर मौजूद थी। इस बार पहले चित्र बनाया, फिर दोनों ने गिनकर हस्ताक्षर किए।
3. नया हाथ पुराना नहीं था
अनिल की सबसे टिकाऊ गलती तब आती जब अच्छा अभ्यास हाथ अचानक खत्म हो जाता। उसका आकार अगले हाथ में ढोता। पिछला बेगम चाहता था तो नए छोटे जोड़ देखने से पहले बेगमें खोजता। दीपा ने इसी पर अभ्यास बनाया। कई बारी खेलकर बिना परिणाम दिए हाथ रोक देते। सारे पत्ते लेते, पूरा नया हाथ बाँटते। पिछली किसी बात से पहले अनिल को नई बनावट बतानी होती।
पहले शिकायत करता कि अच्छे हाथ के साथ अन्याय है। दीपा मानती कि निराशा होती है, फिर पूछती अभी कौन से पत्ते हैं। उसने ठोस क्रम से दोबारा शुरू करना सीखा। पत्ते गिनो। प्राकृतिक प्योर सीक्वेंस खोजो। दूसरी सीक्वेंस का रास्ता देखो। वैध सेट खोजो। असंगठित बोझ अलग करो। फिर नई डील में आई सार्वजनिक जानकारी देखो।
अभ्यास ने पिछला सब भूलना नहीं सिखाया। पुरानी सूचना को गलत जगह लगाने से रोका। बंद किए हाथ में छोड़ा कार्ड पूरी नई फेंटाई के बाद भी अनुपलब्ध है, यह नहीं माना जा सकता था।
सत्रों के बीच रेणु के साथ दुकान सुधारी। नया औजार खरीदने से पहले एक सूखी शेल्फ बनाई। रात को कॉपी बंद डिब्बे में रखी। कागज़ की जगह अलग सुरक्षित हुई। निर्णय के लिए अभ्यास था।
एक रात डिब्बा रखते उसने पिछली जीत वाला हाथ याद किया। फिर खोला नहीं। आज के पन्ने पर असफल प्रयास का कारण लिखा था। उसी को अगले सत्र में ले जाना था। रेणु ने सुबह का काम बताया और उसने कॉपी बंद करके समय नोट किया।
4. पहले से छपी प्रक्रिया
शहर के आयोजन में चार खिलाड़ियों का आठ डील फाइनल और कुल पेनल्टी का नियम था। यह भी लिखा था कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित दुर्घटना से वर्तमान डील भरोसे से बहाल न हो सके तो क्या होगा। केवल वही डील रद्द होगी। पहले पूरी डीलों के अंक रहेंगे। पूरी तरह फेंटा नया हाथ उसकी जगह खेलेगा। अधूरे हाथ का संभावित मूल्य नहीं माँगा जा सकता था।
अनिल ने बाकी नियम के साथ प्रक्रिया पढ़ी। बालन ने मजाक किया कि दूसरी आपदा की तैयारी कर रहा है। उसने जवाब दिए बिना पत्र फोल्डर में रखा। क्वालिफायर में मजबूत शुरुआत मिली। आकर्षक मगर अनावश्यक बड़ा पत्ता बचाकर हार गया। अगली शुरुआत खराब थी। पहले प्योर सीक्वेंस बनाई, फिर दूसरी। दूसरे की घोषणा से पहले बचे नुकसान को कम किया। नियंत्रित हार ने कुल प्रतिस्पर्धी रखा।
कुल अंक से क्वालिफाई किया। फिर दीपा के साथ पहला हाथ देखने रुका। उसने वह क्षण दिखाया जहाँ अनिल वास्तविक कार्डों की जगह जल्दी जीत की कहानी बचाने लगा था। उसने स्थिति सही कॉपी की। नीचे पेनल्टी सहित वास्तविक परिणाम लिखा। अब खराब पन्ना देखने पर बालन की आवाज में यह नहीं सुनना पड़ता कि उसने कभी योगदान दिया भी था या नहीं।
रेणु योग्यता की सूचना दुकान ले गई। अनिल आखिरी ब्रैकेट लगा रहा था, उसने नई शेल्फ के ऊपर चिपका दी। बाकी सीलन निकलने को दरवाज़ा खुला था। उसने सूचना का कोना दबाकर टेप ठीक किया। इस बार कागज़ जमीन से बहुत ऊपर लगा था।
5. सात पूरी डील
फाइनल में अनिल, बालन, दीपा और तकनीशियन सुदीप थे। पुराने नगरपालिका हॉल के कमरे इस्तेमाल के लिए जाँचे गए थे। बाहर फिर बारिश शुरू हुई, मगर खेल सामान्य चला। पहली सात डील में अनिल दो जीता और कई हारों का नुकसान सीमित रखा। एक महँगी गलती हुई। बड़े पत्तों की जोड़ी तब भी रखी जब उसका सहायक रास्ता खत्म हो गया था। उसने हिसाब लिखा। पहले खोए सप्ताहों को कारण नहीं बनाया।
बालन मजबूत खेला। सही समय जोकर बदलकर कठिन सीक्वेंस पूरी की। दूसरी डील में आकर्षक खुले डिस्कार्ड को शांत छोड़कर जीता। दीपा लगातार पास रही। सुदीप खराब शुरुआत से देर की घोषणा द्वारा लौटा।
आठवीं से पहले हस्ताक्षरित योग था अनिल एक सौ छब्बीस, बालन एक सौ उनतीस, दीपा एक सौ सैंतीस, सुदीप एक सौ पैंतालीस। अनिल तीन अंक आगे था। कोई इतना पीछे नहीं कि अप्रासंगिक हो जाए। बालन ने बोर्ड की ओर इशारा किया। “कॉपी तुम्हारे लिए नहीं खेलती।” अनिल माना। “एक डील बाकी है।”
कार्ड बाँटे गए। नया हाथ अच्छा था। प्योर सीक्वेंस मौजूद, दूसरी पास और बाकी कार्डों में पूरा होने का रास्ता। उसने ध्यान से देखा। इस टूर्नामेंट में अच्छा आरंभ पहले भी नुकसान दे चुका था। बाहर ऊँची खिड़कियों पर बारिश तेज पड़ी। अनिल ने पत्ते समूह में लगाए और अगले खिलाड़ी की खुली क्रिया देखी। पहले सात अंकों की शीट मेज़ से अलग अधिकारी के पास सुरक्षित थी।
6. जिसे बचाकर नहीं रखा जा सकता था
आठवीं डील की कई बारी बाद मेज़ के पास छत से तेज पानी टपका। अंपायर ने खेल रोका और सबको दूर होने को कहा। खिलाड़ी हटे ही थे कि भीगा छत का एक हिस्सा किनारे से टूटकर मेज़ पर गिरा। पत्ते बिखरकर मिल गए। किसी को चोट नहीं लगी, मगर अलग हाथ भरोसे से फिर नहीं बन सकते थे।
अनिल कुर्सी के पास उलटे पड़े पत्ते को देखता रहा। कुछ क्षण पहले हाथ को एक उपयोगी जोड़ चाहिए था। अब उस लाभ को वैध तरीके से बचाना संभव नहीं था। अधिकारियों ने स्थिति देखी, खिलाड़ियों को सूखे कमरे में पहुँचाया और पहले प्रकाशित प्रक्रिया लगाई। आठवीं डील रद्द। पहली सात के अंक वही। सारे पत्ते एकत्र, गिने और पूरी तरह फेंटकर नई डील।
बालन ने कहा वह भी पूरा होने के पास था। दीपा ने कुल फिर दिखाने को कहा। सुदीप डेक की गिनती तक रुका। अनिल को दुकान का दरवाज़ा पैरों के नीचे महसूस हुआ। व्यवस्थित उपयोगी चीज अचानक मिला हुआ ढेर। कुर्सी की पीठ पर हाथ कस गए। फिर छोड़े और अंपायर की जगह बैठा।
उसने यह दावा नहीं किया कि रद्द हाथ जरूर जीतता। घोषणा नहीं की थी। नए पत्ते आए तो गिने। तेरह। अलग पत्ते, अलग डील, वही पूरी हो चुकी स्कोर शीट। उसने पुरानी अनुमानित बेगम की जगह नई पहली कार्ड देखी। इस बार शुरुआत अधूरी थी। उसे उसी की जाँच करनी थी।
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7. खराब नई शुरुआत
नया हाथ उलझा था। पान के छह और आठ। चिड़ी के नौ और दस। हुकुम, ईंट और चिड़ी की तीन बेगमें। चिड़ी का दो, ईंट का दो, हुकुम का चार। चिड़ी के इक्के, ईंट के बादशाह और ईंट के सात से तेरह पूरे। अभी प्योर सीक्वेंस नहीं थी। बेगमें सही सेट थीं, मगर केवल उससे हाथ सुरक्षित नहीं होता। वह पुरानी अच्छी बनावट चाहता था जो अब नई फेंटी गड्डी में कहीं थी। इस हाथ में उसे ढूँढ़ने नहीं लगा।
पहला उपयोगी ड्रॉ पान का सात था। 6–7–8 की प्योर सीक्वेंस पूरी हुई। अनिल ने अलग चिड़ी का इक्का छोड़ा। अगला बंद पत्ता काम नहीं आया। नया आधार छुए बिना वही निकाल दिया। बालन ने खुला पत्ता लिया और जल्दी हाथ जमाया। अनिल ने क्रिया देखी। बाकी हाथ नहीं मालूम था। उसने चिड़ी नौ-दस साथ रखे। बाद में चिड़ी के गुलाम से दूसरी प्राकृतिक सीक्वेंस पूरी हुई। ईंट का बादशाह छोड़ा।
हाथ सुधर रहा था, पुराना हाथ नहीं बन रहा था। दो सीक्वेंस सुरक्षित थीं। बेगम का सेट सही था। छोटे बिखरे पत्तों का बोझ छोड़े बड़े पत्तों से कम था। अपनी अनुमत बारी में उसने कुल स्कोर देखा। बढ़त छोटी थी। वर्तमान खुला नुकसान घटाना था। दुर्घटना में गया लाभ लौटाने की माँग नए पत्तों से नहीं कर सकता था।
उसने फिर तेरह गिने। पान की सीक्वेंस के बीच वास्तविक सात था। वही इस नई डील का पहला जरूरी काम था।
8. कपड़े पर आठ अंक
अगला उपयोगी पत्ता पान की बेगम था। बाकी तीन से चार अलग सूट का सेट बन गया। अनिल ने अलग ईंट का सात छोड़ा। अब हाथ साफ था। पान 6–7–8। चिड़ी 9–10–J। हुकुम, ईंट, पान और चिड़ी की चार बेगमें। बाकी चिड़ी का दो, ईंट का दो और हुकुम का चार।
तीन जमा तीन जमा चार जमा तीन, कुल तेरह। आखिरी तीन वैध समूह नहीं थे। असंगठित कार्ड थे, जिनका प्रकाशित मूल्य कुल आठ था। हाथ पूरा घोषित करने का हक नहीं था। सामने दीपा ने ड्रॉ किया, पत्ते जाँचे और घोषणा की। अनिल ने मूल्यांकन को हाथ रखा। दो प्राकृतिक सीक्वेंस और चार सूट की बेगमें सही थीं। दो, दो और चार बचे। आठ अंक।
उसके एक सौ छब्बीस से एक सौ चौंतीस हुए। नई डील की विजेता दीपा ने शून्य जोड़ा और एक सौ सैंतीस पर रही। अधिकारी बालन की ओर मुड़ा। उसके अधूरे बचे पत्तों के बाईस अंक हुए। कुल एक सौ इक्यावन। सुदीप के चौदह से एक सौ उनसठ।
अनिल ने कम से अधिक क्रम पढ़ा। एक सौ चौंतीस। एक सौ सैंतीस। एक सौ इक्यावन। एक सौ उनसठ। आखिरी डील हारकर भी उसने चैंपियनशिप तीन अंक से जीती थी।
उसने अपनी पंक्ति पर उँगली रखी। बाहर की बारिश अब दूसरे कमरे की खिड़की से सुनाई दे रही थी। मेज़ पर रखा वास्तविक नया हाथ उसे पहले स्थान तक लाया था। पुराने बिखरे कार्डों में लौटने की जरूरत खत्म हो चुकी थी।
9. ऐसा रिकॉर्ड जिसे याद नहीं करना था
बालन ने अनिल के आठ अंक जाँचे। पान, चिड़ी, बेगमें और फिर दोनों दो तथा चार देखे। कुल आठ ही रहा। “पहला हाथ मजबूत था,” उसने कहा। “वह रद्द था,” अधिकारी ने जवाब दिया और नई शीट पहले सात नतीजों के पास रखी।
अनिल ने हस्ताक्षर किए। दीपा ने हाथ मिलाकर पूछा दोनों रिकॉर्ड रख सकते हैं क्या। रुकावट की प्रक्रिया और वास्तविक नया हाथ। उसने हाँ कहा। मैच बाद की टिप्पणी के लिए सुदीप ने अपने खुले डिस्कार्ड याद कर बताए। एक याद नहीं था तो खाली रखा।
सम्मान के समय आयोजक ने वापसी समझाने को कहा। अनिल ने नई डील के दो अलग पान से शुरुआत की। उपयोगी ड्रॉ, छोड़े बड़े पत्ते और बचे आठ अंक बताए। सब सामने अनुसरण कर सकते थे। बालन परिणाम की प्रति लिए खड़ा था। दर्शक ने पूछा कि पुराने कार्यशाला अभ्यास साथ बनाए थे क्या। अनिल ने वे सत्र बताए जिनका रिकॉर्ड था और वे जिनके कागज़ खो गए। दीपा ने जाँचे नए अभ्यास पन्ने दिखाए।
आयोजक ने दोनों को भविष्य की बैठक के लिए स्पष्ट नाम सहित सामग्री देने को कहा। अनिल ने फॉर्म पर अपना संपर्क लिखा। इस बार योगदान उसके नाम और ऐसे हाथ से शुरू हुआ जिसके तेरह पत्ते मौजूद थे।
बालन ने फोल्डर बंद किया। अनिल ने अपनी कॉपी खोली रखी। एक खिलाड़ी ने नई डील के शुरू के कार्ड पूछे। उसने अगला पन्ना आगे किया। वहाँ कठिन शुरुआत भी थी, केवल अंतिम अच्छी बनावट नहीं।
10. नई शेल्फ का पहला पन्ना
रेणु बाहर दुकान की चाबी लेकर थी। साथ घर चलने के लिए जल्दी बंद किया था। अनिल ने कप से पहले परिणाम दिया। उसने अंतिम अंतर पढ़ा, फिर आखिरी पंक्ति के आठ अंक। “यह नया हाथ था?” “हाँ।”
दुकान में कॉपी नई शेल्फ पर रखी। पहले पन्ने पर नई डील का हाथ चार समूह में बना था। आखिरी पर लिखा था असंगठित, आठ। नीचे चार अंतिम कुल और तारीख। उसने तस्वीर दूसरी जगह भी सुरक्षित रखी और कागज़ बंद डिब्बे में रखा। रेणु ने शेल्फ का ब्रैकेट फिर देखा। फिर मिलकर साफ की छोटी तख्ती दी, यहाँ मरम्मत ली जाती है।
दोनों ने दरवाज़े के पास लगाई। ग्राहक बाढ़ से पहले छोड़े मिक्सर के बारे में रुका। रेणु ने नाम लिया और बची प्रविष्टि मिली। अनिल ने बताया कौन सा हिस्सा अभी जाँच रहे हैं और लौटने का दिन दिया।
बंद होने से पहले बालन दरवाज़े पर रुका। साफ कवर से नई कॉपी देखकर बोला कि दोनों के रिकॉर्ड फिर मिला लेने चाहिए।
अनिल ने हस्ताक्षर वाले अंतिम अंकों का पन्ना खोला। “इनमें कहाँ तुम्हारा योगदान छूटा है?”
बालन ने समूह देखे, फिर तारीख। रेणु चाबी लिए खड़ी रही। जवाब नहीं आया तो अनिल ने डिब्बा बंद करके नई शेल्फ पर रखा। पहले बालन बाहर निकला। सुधरी तख्ती दरवाज़े पर रही और रिकॉर्ड अपने लेखक के पास।
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