1. Yono Arcade: नाम के आगे लिखा गया वापस
नैना ने अपनी शादी दो बार खत्म होते देखी। पहली बार कैरम हॉल के बाहर, जब क्लब सचिव ने उसे अस्थिर कहा और ईशान चुप रहा। दूसरी बार ग्यारह महीने बाद, जब दोनों ने बंद घड़ी वाले कमरे में तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर किए।
उन तारीखों के बीच उनके नाम क्वालिफाइंग सूची से गायब हुए। उन्होंने जोड़ी बनकर क्लब ट्रायल जीता था। नई सूची में लिखा था: निजी अनुरोध पर नाम वापस। नामांकन अविनाश और तेजस को मिला।
नैना ने कोई अनुरोध नहीं किया था। उसने पूछा था कि यात्रा फॉर्म में ईशान का नाम रहते उसका क्यों गायब है। सचिव ने कहा, मुश्किल औरतें भरोसेमंद साथी नहीं बनतीं। उसने हस्ताक्षर वाला वापसीपत्र माँगा तो बाहर जाने को कहा गया।
ईशान उसके पीछे आया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
तीन साल बाद खुली युगल प्रतियोगिता में क्लब का नामांकन जरूरी नहीं रहा। नैना ने दूसरी साथी के साथ प्रवेश किया। वह समय-सीमा से पहले दूसरे शहर चली गई। नई साथी खोजने को छह दिन बचे।
ईशान के संदेश में निमंत्रण के साथ लिपटी माफी नहीं थी।
“मैं उपलब्ध हूँ। मना कर सकती हो।”
हथेली में स्ट्राइकर रखे वह संदेश देखती रही।
फिर लिखा: “एक अभ्यास सत्र। बात केवल कैरम की है।”
एक मिनट बाद उत्तर आया।
“हाँ।”
ऐप लिंक और मौजूदा ऑफ़र की जानकारी चाहिए? नीचे अपनी पसंद की कम्युनिटी चुनें।
टीजी चैनलWhatsApp चैनलWhatsApp ग्रुप
2. एक बोर्ड के विपरीत किनारे
दोनों नगर के अभ्यास-कक्ष में मिले। नैना बत्तीस की थी, ईशान पैंतीस का। अलग जीवन में नए पते, नई दिनचर्या और ऐसे दोस्त आ गए थे जिनके लिए तलाक पूरी हो चुकी घटना था।
बोर्ड को कुछ याद नहीं था।
ईशान अब भी गोटियों के समूह पर ऐसे हमला करता मानो जोर से कठिन स्थिति आदेश मान लेगी। नैना नियंत्रित कट पसंद करती, तब भी जब सीधा शॉट बेहतर अगली चाल देता। व्यक्तिगत सटीकता से पहला बोर्ड जीते। पीछे छोड़ी समस्याओं के कारण अगले तीन हारे।
एक लापरवाह प्रहार के बाद नैना ने किनारे फँसी सफेद गोटी दिखाई।
“अपने आसान शॉट खत्म करके मुश्किल मेरे लिए छोड़ दी।”
वह जवाब देने लगा, फिर रुक गया। वाक्य का दूसरा इतिहास था, लेकिन सफेद गोटी सच में वहीं थी।
दोबारा लगाने से पहले उन्होंने स्थिति की तस्वीर ली। बहस इस बात के प्रमाण की जगह नहीं लेगी कि गोटियाँ कहाँ गईं।
सत्र के बाद उसने पूछा कि क्या वह दूसरा साथी चाहती है।
“ऐसा साथी चाहिए जो पूरा बोर्ड देखे।”
“यह मना करना नहीं था।”
“वादा भी नहीं था।”
छह दिन की अंतिम सीमा से पहले साथी बदलने की पुष्टि करना तय हुआ। उसके बाद चैम्पियनशिप तक बचे चार हफ्ते अभ्यास करेंगे। कमरे का खर्च बाँटा और आने का समय लिखा। पंजीकरण नैना सँभालेगी, अभ्यास रिकॉर्ड ईशान। बाद में प्रवेश में किसी भी बदलाव के लिए दोनों की सहमति जरूरी होगी।
इस बार निराशा से पहले शर्तें मौजूद थीं।
3. उँगली के निशान जितनी जगह
दोनों ने लिखना शुरू किया कि किस खिलाड़ी को कौन-सा पॉकेट वास्तव में उपलब्ध है। ईशान को सीधे चौड़े रास्ते पसंद थे। नैना ऐसी पतली कट मार सकती थी जो उसकी तरफ से बंद लगती थी। अब समस्या यह नहीं थी कि कौन किसे बचाएगा। दूसरे को दिखता कोण पहचानना था, उसका फैसला अपने अधिकार में लिए बिना।
नैना ने काली के पास सफेद रखी। ऐसा कट दिखाया जिसमें सफेद के केवल बाहरी किनारे से संपर्क होता। ज्यादा लगने पर दोनों बिखरतीं, कम पर सफेद वहीं रहती। साफ संपर्क बनने से पहले ईशान ग्यारह बार चूका।
फिर उसने स्थिति आधी उँगली जितनी बदली। वह फिर चूका।
कल सफल हुए शॉट को याद करने के बजाय असली जगह मापने लगे। अलग अच्छे बोर्डों पर अभ्यास किया। अनुमत ट्रायल से गति परखी। भरोसेमंद रिलीज को थोड़ी बदली सतह पर भी काम करना था।
अभ्यास समीक्षा में चुना रास्ता पूछ सकते थे। बोर्ड के दौरान न संकेत थे, न निर्देश। जिसके पास स्ट्राइकर था, शॉट उसका था।
एक शाम ईशान ने ऐसा पतला कट लिया जिसे नैना नहीं चुनती। गोटी गई। आपत्ति समझाने से पहले उसने वीडियो देखा।
“उस रास्ते के बारे में तुम सही थे,” उसने कहा।
वह लेकिन का इंतजार करता रहा। शब्द नहीं आया। दोनों ने स्थिति फिर लगाई। इस बार नैना ने उसकी सीट से जाँचा। वही मौका मिलते ही उसने कठिनाई महसूस की जो अपने पुराने कोण से दिखाई नहीं दी थी।
4. आठवाँ बोर्ड अलग होता है
पहला छोटा आयोजन ऐसा सबक देकर समाप्त हुआ जिसे खराब निशाने पर नहीं डाला जा सकता था। आखिरी बोर्ड एक अंक से जीते, फिर भी गेम हारे। वह आठवाँ बोर्ड था। बोर्ड की सीमा भी लक्ष्य स्कोर जितनी जरूरी थी।
ईशान ने उपलब्ध गोटी जल्दी निकाल दी थी। क्वीन के लिए व्यावहारिक कवर नहीं बचा। विरोधियों ने क्वीन सुरक्षित की। बाद में नैना ने अपनी गोटियाँ खत्म कीं, लेकिन मिला एक अंक पुराने अंतर को नहीं भर सका।
बाहर परिचित ने कहा कि दोनों को फिर कोशिश करते देखकर अच्छा लगा। ईशान से पहले नैना बोली।
“हम युगल प्रतियोगिता में प्रवेश कर रहे हैं।”
अभ्यास में हर स्थिति के ऊपर स्कोर लिखा। कभी एक अंक का बोर्ड काफी था। कभी क्वीन और बड़ा अंतर चाहिए था। वही गोटियाँ अलग सवाल पूछती थीं, इस बात पर कि कौन-सा बोर्ड चल रहा है और वे कितने पीछे हैं।
उन्होंने यह नियम नहीं बनाया कि हमेशा क्वीन पहले लेनी है। देखा कि कवर कब संभव है, कौन-सी आसान गोटी बचानी होगी और अगली बारी से पहले विरोधी क्या कर सकता है।
एक शुक्रवार नैना ने शानदार दिखती सफाई छोड़ी, क्योंकि उससे बोर्ड जीतकर गेम हारते।
ईशान ने स्कोर जाँचा और सिर हिलाया। पहली बार बहस एक ही समस्या पर हो रही थी।
बाद में दोनों अलग घर गए। मंगलवार की बुकिंग दोनों के कैलेंडर में रही।
5. वह जोड़ी जिसकी जगह ली गई थी
खुली प्रतियोगिता में कई क्लबों की वयस्क जोड़ियाँ आईं। शुरुआती दौर में नैना और ईशान ऐसे काम से आगे बढ़े जिसका चमकदार प्रचार वीडियो नहीं बनता: उपयोगी गोटियाँ निकालना, बेकार बिखराव रोकना और प्रतिद्वंद्वी को कठिन कोण गंभीरता से लेने पर मजबूर करना।
क्वार्टर फाइनल में नैना समाप्ति वाला शॉट चूकी। ईशान ने पुराने ढंग से छत की ओर आँखें नहीं उठाईं। अगली बारी पर एक गोटी निकाली, दूसरी खोली और बाकी समस्या इतनी छोटी छोड़ी कि बाद में नैना हल कर सके।
उन्होंने निर्णायक गेम जीता।
सेमीफाइनल लंबा चला। विरोधियों ने कड़ा बचाव किया। आखिरी बोर्ड इतना खिंचा कि दर्शक दूसरी मेज देखने लगे। नैना ध्यान रखे रही। धैर्य से लिया रिबाउंड फँसी गोटी खोल गया। बारी आने पर ईशान ने समाप्त किया।
हॉल की दूसरी ओर अविनाश और तेजस भी फाइनल पहुँचे थे।
कार्यक्रम देखते दोनों को अविनाश ने देखा। “फिर साथ? लगा था वह प्रयोग खत्म हो गया।”
ईशान ने कागज रखा।
“हमारा नामांकन क्यों गायब हुआ था, तुम जानते हो। कल अपने खेल की सफाई देना।”
नैना ने अंततः बोलने के लिए धन्यवाद नहीं दिया। वह फाइनल की मेज की रोशनी और कुर्सियों के आसपास जगह देख रही थी।
अविनाश के पीछे पुराना सचिव था। इस बार ऐसी सूची उसके हाथ में नहीं थी जिसे बदलकर उन्हें बाहर रख सके। नाम ड्रॉ में थे और मुकाबले में चार खिलाड़ी बैठने वाले थे।
6. पहला गेम उन्होंने लिया
फाइनल तीन में से दो गेम जीतने का था। हर गेम पच्चीस अंक या निर्धारित आठ बोर्ड पर खत्म होता। अविनाश और तेजस जल्दी जमे, लेकिन नैना के सही कट ने उन्हें मनचाही आसान शुरुआत नहीं लेने दी।
उसने एक शुरुआती बोर्ड में एक ही बारी में चार उपलब्ध गोटियाँ निकालीं। ईशान ने उसकी लंबी बारी की नकल करने के बजाय साफ समाप्तियों से सहयोग दिया। दो बोर्ड छोड़े, पहल वापस ली और पहला गेम पच्चीस-अठारह से जीता।
इस बार पुराने सचिव के पास तुरंत सफाई नहीं थी।
विराम में अविनाश दर्शकों के बजाय टिप्पणियाँ देखने लगा। तेजस ने वे पॉकेट बताए जिनसे नैना अंक ले रही थी। उनका उत्तर सोच-समझकर और तत्काल आया: सीधे रास्ते कम छोड़ो, बीच की स्थिति कसी रखो और बार-बार कठिन संपर्क हल करवाओ।
दूसरे गेम के पहले बोर्ड में ईशान ने बदलाव पहचाना। दूर से उपलब्ध लगती सफेद को पास की काली आड़ दे रही थी। जोर का उत्तर विरोधियों की कई गोटियाँ खोल देता।
उसने पतला कट चुना और चूक गया।
नैना ने छत की ओर आँखें नहीं उठाईं। बोर्ड समाप्त होने पर पूछा कि कौन-सा संपर्क बिंदु चुना था। उसने विराम के चित्र पर दिखाया।
“पुरानी जगह को निशाना बनाया। यह जगह छोटी थी।”
पहले गेम की जीत से बढ़त मिली थी। अगले गेम की मेहनत से छूट नहीं मिली थी। उन्हें सामने वाले बदलाव का जवाब वास्तविक शॉट से देना था।
नई गतिविधियों और ऐप अपडेट के लिए अपना पसंदीदा चैनल देखें।
टीजी चैनलWhatsApp चैनलWhatsApp ग्रुप
7. विरोधियों ने सवाल बदल दिया
अविनाश और तेजस ने दूसरा गेम पच्चीस-बीस से जीता। साधारण शॉट कठिन करके जीते, चमत्कारी सफाई की प्रतीक्षा करके नहीं।
एक बोर्ड तब बदला जब तेजस ने काली को समूह से हटाया, लेकिन आसपास की सफेद नहीं खोलीं। नैना को संकरा रास्ता लेना पड़ा। चूक से अविनाश को अगली उपयोगी चाल मिली। दूसरे बोर्ड में ईशान ने क्वीन डाली, पर इतना कठिन कवर छोड़ा कि अगला शॉट असफल हुआ।
फाइनल बराबर था।
विराम में नैना ने टिप्पणियाँ बीच में रखीं। “वे चौड़े रास्ते बंद कर रहे हैं। हम संकरे रास्ते को अब भी आपातकाल समझ रहे हैं।”
ईशान ने चूकी स्थिति बनाई। उसने कागज उसकी ओर घुमा दिया।
“यह संपर्क तुम खेल सकते हो। शक्तिशाली दिखाने की जरूरत नहीं।”
दोनों भाग्य बदलने का वादा किए बिना लौटे। तीसरे गेम में उन कठिन स्थितियों पर बार-बार सटीकता चाहिए थी जिन्हें विरोधियों ने जानबूझकर बनाया था।
दोनों जोड़ियाँ बोर्ड जीतीं। ईशान ने दो पतले कट बदले जिन्हें पहले अधिक जोरदार दिखते रिबाउंड के लिए छोड़ देता। नैना एक चूकी, नुकसान माना और उसके चेहरे से फैसला माँगे बिना फिर खेली।
सात बोर्ड बाद उनके पंद्रह अंक थे। अविनाश और तेजस के सत्रह।
एक निर्धारित बोर्ड बाकी था। स्कोर पच्चीस पहुँचने को नहीं कह रहा था। आठवें बोर्ड के बाद आगे रहने को कह रहा था।
नैना ने अंक एक बार देखे और सीट ले ली।
8. वह रास्ता जिसे अविनाश ने बंद किया
आठवें बोर्ड में नैना की जोड़ी सफेद खेल रही थी। शुरुआती बारियों में आसान गोटियाँ गईं। अंतिम हिस्से में दो सफेद, एक काली और क्वीन बचीं।
पंद्रह बनाम सत्रह पर एक अंक का बोर्ड उन्हें पीछे छोड़ देता। मौजूदा स्कोर पर क्वीन कवर करके बोर्ड जीतने से उसके तीन अंक मिलते। वही बहुत महत्वपूर्ण थे।
दो सफेद से बने छोटे अवरोध के पास क्वीन थी। ईशान की तरफ से चौड़ा रास्ता था, जिसे अविनाश ने सटीक स्थिति बनाने वाले शॉट से बंद किया। बची काली ऐसी जगह रुकी जहाँ पहुँच संकरी हुई, लेकिन आसान पॉकेट नहीं मिला।
अविनाश ने बड़ी गलती नहीं की थी। कठिन तकनीकी विकल्प छोड़ा था, जैसा संपर्क ईशान पहले के मैचों में अक्सर टालता था। उसकी सीट से क्वीन को अब भी कोने की ओर काट सकते थे, लेकिन स्ट्राइकर को उसका किनारा छूना था। पास की सफेद नहीं हिलनी चाहिए थी, क्योंकि वही कवर बनती।
ईशान ने अंतर देखा। पुराना उत्तर जोरदार कोशिश से रुकावट बिखेरकर उम्मीद करना होता कि अगला बोर्ड आसान दिखेगा।
नैना के हाथ स्थिर रहे। यह उसके द्वारा साथी के लिए सजाकर छोड़ी गोटी नहीं थी। विरोधी ने समस्या बनाई थी। हल चुनना ईशान का काम था।
उसने स्ट्राइकर रखा, संपर्क बिंदु जाँचा और संकरे रास्ते पर फैसला किया। एक क्षण पहले तक वह दो रास्ते देख रहा था। अब उँगली को एक साफ उत्तर देना था।
9. उन्नीस काफी हैं
क्वीन पहले हिली। पड़ोस की सफेद काँपी, लेकिन जगह पर रही। एक पल लाल गोटी बहुत धीमी जाती लगी, फिर पॉकेट तक पहुँची और गायब हुई।
ईशान की बारी जारी थी। अब कवर करना था।
बचाई सफेद सीधा शॉट देती थी। कट वाला तनाव लेकर अगला शॉट मारने के बजाय उसने उँगली फिर जमाई। साफ संपर्क से सफेद पॉकेट में गई। क्वीन सुरक्षित थी।
एक सफेद बची। अविनाश की काली भी सतह पर थी।
ईशान ने अंतिम कोण देखा। संभालने योग्य था, अपने-आप सफल नहीं। बेसलाइन जाँची, हाथ की मांसपेशियाँ स्थिर कीं और छोटे नियंत्रित स्ट्रोक से आखिरी सफेद निकाली।
अंपायर ने बोर्ड गिना: बची काली का एक अंक, क्वीन के तीन। चार जुड़कर नैना और ईशान पंद्रह से उन्नीस हुए। विरोधी सत्रह पर रहे।
यह आठवाँ बोर्ड था। निर्णायक गेम उन्नीस-सत्रह और मैच दो-एक से उनका था।
हस्ताक्षर से पहले अविनाश ने बोर्ड नंबर पढ़ा। जो रास्ता उसने बंद किया था, अब भी दिख रहा था। वह अधिक पतला रास्ता भी दिखता था जिसे ईशान ने वास्तव में इस्तेमाल किया।
नैना उठने की अनुमति होने तक रुकी, फिर मेज घूमकर आई। उसने नहीं कहा कि पहले से जानती थी शॉट सफल होगा।
“वह संपर्क,” उसने कहा, “तुम्हारा था।”
उसने हाथ बढ़ाया। “अभ्यास हमारा था।”
पीछे तालियाँ चल रही थीं। सामने परिणाम पर चारों खिलाड़ियों के हस्ताक्षर आ चुके थे।
10. वह सवाल जिसका उत्तर साथ दिया
प्रस्तुति में पुराने सचिव ने कहा कि फाइनल दिखाता है उनके क्लब ने दोनों को कितना अच्छा प्रशिक्षण दिया था।
नैना ने कप के पास तीन गेम की पर्ची रखी। “हमारा अभ्यास समूह प्रवेश में लिखा है। वही पढ़िए।”
उद्घोषक ने पढ़ा। सचिव माइक्रोफोन के पास खड़ा रहा जबकि दूसरे कमरे का नाम पूरे हॉल में गया।
बाद में अविनाश आखिरी कट पूछने आया। ईशान ने खाली बोर्ड पर स्थिति लगाई। बंद किया रास्ता दिखाया, माना कि बचाव वाला शॉट अच्छा था और बताया कि बाकी रास्ता खेलने योग्य क्यों था।
फिर नैना ने अभ्यास की असफल कोशिशें दिखाईं। अविनाश ने पहली चूक देखी, फिर दूसरी। अब उनकी वापसी को भावनात्मक प्रदर्शन कहना मुश्किल था। जीत वाला स्ट्रोक बनने से पहले मेहनत वहाँ मौजूद थी, अव्यवस्थित और बार-बार दोहराई हुई।
बाहर ईशान ने मंगलवार को दूसरा गेम देखने को पूछा।
“हाँ। जिन कारणों से हारे, वे अब भी ठीक करने हैं।”
चौराहे पर घर के रास्ते अलग हुए। पुरानी चाबी नहीं माँगी गई। दूसरी जिंदगी का वादा अगले अभ्यास के बीच नहीं आया।
चौराहे पर नैना ने फोन में अगला प्रवेशपत्र खोला। उसने अपनी जगह हस्ताक्षर किए और ईशान को उसके हस्ताक्षर के लिए भेजा।
युगल जोड़ी। दो स्वतंत्र निर्णय। अगला बोर्ड दोनों का होगा। कोई एक दूसरे का नाम अपने-आप वापस नहीं लेगा। खेल की साझेदारी अब उसी स्पष्ट समझ से आगे बढ़ेगी जिसे दोनों ने चुना था।
आगे जानना चाहते हैं? ऐप की जानकारी और साझा ऑफ़र की शर्तें चैनल पर देखें।
टीजी चैनलWhatsApp चैनलWhatsApp ग्रुप